ASEAN FULL FORM IN HINDI, आसियान क्या है, आसियान के सदस्य देश?, पूरी जानकारी

आसियान दक्षिण एशियाई देशों का एक समूह है जिस प्रकार से कुछ विकसित और विकासशील देश, संगठित होकर सहयोग की भावना से कार्य कर रहें है जैसे, BRICS, SAARC, NATO, OPEC, G20 इत्यादि, ऐसा ही आसियान भी छोटे और बड़े 10 देश का समूह है जिसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास और समृद्धि को मजबूती के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से क्षेत्रीय आधार पर संगठित किया गया है, आसियान से संबंधित जैसे ASEAN FULL FORM IN HINDI, आसियान क्या है, आसियान की स्थापना कब हुई, आसियान के सदस्य देशों के नाम और आसियान के उद्देश्य इत्यादि महत्वपूर्ण विन्दुओ चर्च किया गया

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ASEAN FULL FORM IN HINDI

ASEAN full form in English :- “Association of Southeast Asian Nations” आसियान का पूरा नाम हिंदी में (ASEAN full form Hindi) दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन है दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का क्षेत्रीय संगठन है जो की एशिया-प्रशांत के राष्ट्रों के मध्य बढ़ते तनाव के कारण राजनीतिक और सामाजिक सामंजस्य स्थापित करने के लिए संगठित किया गया है

ASEAN FULL FORM IN HINDI : आसियान क्या है?

दक्षिण पूर्व एशिया देश का क्षेत्रीय संगठन है जिनका मुख्य उद्देश्य संप्रभुता क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता को अटल बनाए रखने के लिए तथा किसी भी प्रकार के सीमावर्ती विवादों का औपचारिक रूप से संबंधित मामले को सेक्रेटरी जनरल के द्वारा प्रस्ताव का निपटारा कर कानून लागू करवाना है |

आर्टिकल का नाम :-

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आसियान के सदस्य देश?, पूरी जानकारी..

ASEAN की स्थापना :- 8 अगस्त 1967 इस्वी में थाईलैंड के बैंकॉक में स्थापित किया गया 
ASEAN का मुख्यालय (headquarters ) :- जकार्ता (इंडोनेशिया) जावा कॉन्टिनेंट पर 
ASEAN उद्देश्य :- सदस्य देशों के बीच आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा देना..
ASEAN  संस्थापक सदस्य :- थाईलैंड ,इंडोनेशिया ,मलेशिया ,फिलीपींस ,सिंगापुर
ASEAN सदस्य :- 10 देश
ASEAN का आदर्श वाक्य :-
  • “One Vision, One Identity, One Community”
  • (“वन वीजन, वन आईडेंटिटी, वन कम्युनिटी”)
  • वर्तमान समय में थाईलैंड के सूरिन पिट्स्वान इसके सेक्रेटरी जनरल हैं आसियान की बैठक औपचारिक रूप से प्रत्येक वर्ष होती है
  • हालांकि भारत आसियान सदस्य समूह का सदस्य ना होने के बावजूद भी सहयोग तथा तालमेल बनाए रखने की भावना प्रबल रही है
  • आसियान का मुख्यालय इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में बनाया गया।
  • प्रत्येक वर्ष 8 अगस्त को आसियान दिवस के रूप में मनाया जाता है याद आदर्श वाक्य की बात करें तो “वन विजन, वन आईडेंटिटी, वन कम्युनिटी” अर्थात एक दृष्टि, एक पहचान, एक समुदाय है
  • ASEAN की स्थापना 8 अगस्त 1967 ईस्वी में थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में किया गया था इसके पाँच संस्थापक सदस्य देश निम्न प्रकार से हैं
  1. मलेशिया
  2. इंडोनेशिया
  3. फिलिपींस
  4. सिंगापुर
  5. थाईलैंड

आसियान सदस्य देश(ASEAN COUNTRY) :-

Who are the 10 ASEAN countries :- आसियान संस्थापक सदस्यों में पांच राष्ट्रों का नाम आता है जबकि वर्तमान में कुल 10 सदस्य देश ASEAN संगठन के अंतर्गत आते हैं :- इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार, कंबोडिया.|

क्रमांक

देशों के नाम

स्थापना वर्ष

1

थाईलैण्ड 

8 अगस्त 1967

2

मलेशिया

8 अगस्त 1967 

3

सिंगापुर

8 अगस्त 1967

4

इण्डोनेशिया

 8 अगस्त 1967 

5

फ़िलीपीन्स 

8 अगस्त 1967 

6

ब्रुनेई 

8 जनवरी 1984 

7

वियतनाम

28 जुलाई 1995 

8

लाओस

23 जुलाई 1997

9

म्यान्मार 

23 जुलाई 1997

10

कम्बोडिया 

30 अप्रैल 1999

ASEAN संगठन के कुछ महत्वपूर्ण उद्देश्य :-

ASEAN FULL FORM IN HINDI : आसियान संगठन तीन आधार स्तंभों पर कार्य करता है

(क) आसियान आर्थिक समुदाय :-
(ख) आसियान राजनीतिक सुरक्षा समुदाय :-
(ग) आसियान सामाजिक सांस्कृतिक समुदाय :-
  1. न्याय और कानून व्यवस्था के दायरे में रहकर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांत का पालन करना, दक्षिण एशियाई क्षेत्र के मध्य शांति और स्थिरता को बनाए रखना |
  2. आसियान की स्थापना कई महत्वपूर्ण उद्देश्य जैसे दक्षिण एशिया राष्ट्रों के मध्य विवादित मुद्दे को आपसी समझौते करके निपटारा करना |
  3. आसियान सदस्य देशों के मध्य एकता बनाए रखना और आपसी सीमावर्ती पड़ोसी देश का सहयोग करना |
  4. आसियान पड़ोसी देशों के मध्य आर्थिक सहायता और सहयोग की भावना बनाए रखना इसके साथ ही राजनीतिक सामाजिक और शैक्षिक तकनीकी ज्ञान विज्ञान इत्यादि क्षेत्रों में विकासशील या अल्प विकसित राष्ट्रों के मध्य सहयोग प्रदान करना |
  5. दक्षिण एशियाई देशों के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और प्रशासनिक क्षेत्र के साथ-साथ लोक मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है |
  6. इसके साथ-साथ कृषि व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में विकास के साथ-साथ भागीदारी को सुनिश्चित कर लोगों के जीवन स्तर को उत्तरोत्तर वृद्धि करने का महत्वपूर्ण उद्देश्य है

भारत और आसियान के मध्य व्यापारिक महत्व :-

  • आसियान-भारत का चौथा सबसे बड़ा भागीदार है, भारत के साथ सन २००८ ईस्वी में ४७ अरब डॉलर का व्यापार किया गया था, तथा आसियान के लिए भारत का कुल निर्यात लगभग १२% है |
  • आसियान संगठन के साथ भारत का अनुमानित व्यापार लगभग ११% है भारत और आसियान देशों के आपसी निजी मामले के लिए सन २००३ ईस्वी में आसियान इंडिया बिजनेस काउंसिल की स्थापना की गई |
  • आसियान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार केंद्र है, जहां पर ६०० मिलियन से अधिक आबादी निवास करती है यदि आसियान की तुलना यूरोपीय संघ से करें तो उत्तरी अमेरिका के बाजार से भी विशाल है |
  • ASEAN के साथ भारत का संबंध विदेश नीति और पॉलिसी न्यू आधार स्तंभ है भारत के संन्निकट जकार्ता में आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के लिए अलग-अलग व्यापर समझौता किया गया |
  • भारत के लिए आसियान का आर्थिक और सुरक्षा कारण से आसियान देशों के साथ घनिष्ठ संबंध की आवश्यकता होती है आसियान देशों के साथ संपर्क भारत के इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति के आधार पर सुधार करने में मदद कर सकता है |
  • ASEAN देशों के साथ बेहतर व्यापार संबंधों का मतलब होगा कि चीन की मौजूदगी का प्रतिकार तथा क्षेत्र और भारत के लिए आर्थिक वृद्धि का विकास कर भारत पर शांति, सुरक्षा, वास्तु कला, एकीकृत के साथ-साथ अधिकांश व्यापार समुद्री सुरक्षा पर निर्भरता है |
  • पूर्वोत्तर में उग्रवाद और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए आसियान देशों का सहयोग भारत के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है |
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आसियान संगठन का अधिकारिक वेबसाइट पर :- विजिट करें 

ASEAN शिखर सम्मलेन :-

ASEAN सिखर सम्मलेन 2023 – 7 सितम्बर 2023 को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में, 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मलेन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने ASEAN सम्मलेन में हिस्सा लिया, मोदी जी ने भारत-आसियान सहयोग को मजबूत बनाने हेतु तालमेल , तकनीकी विकास , व्यापार और आर्थिक भागेदारी , तात्कालिक चुनौतियों का निपटारा , जनता के मध्य आपसी संपर्क और रणनीतिक सहभागिता को मजबूत बनाने के लिए जैसे मुद्दों को शामिल करते हुए 12-सूत्री प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया |

ASEAN शिखर सम्मलेन की कुछ महत्वपूर्ण विवरण निम्नलिखित है :-

वर्ष देश मेजबान नेता
23 फरवरी 1976 इण्डोनेशिया राष्ट्रपति सुहार्तो
4 अगस्त 1977 मलेशिया प्रधानमंत्री तुन हुसैन ओन
14 दिसम्बर 1987 फिलीपींस राष्ट्रपति कोराज़ोन एक्विनो
27 जनवरी 1992 सिंगापुर प्रधानमंत्री गोह चोक टोंग
14 दिसम्बर 1995 थाईलैंड प्रधानमंत्री बन्हार्न सिल्प -अर्चा
15 दिसम्बर 1998 वियतनाम प्रधानमंत्री फान वान खाई
5 नवम्बर 2001 ब्रुनेई सुल्तान हसनल बोल्कियाह
4 नवम्बर 2002 कम्बोडिया प्रधानमंत्री हुन सेन
7 अक्टूबर 2003 इण्टोनेशिया राष्ट्रपति मेगावती सुकर्णोपुत्री
29 नवम्बर 2004 लाओस प्रधानमंत्री बोन्हंग वोराचित
12 दिसम्बर 2005 मलेशिया प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अहमद बादवाई
11 जनवरी 2007 फिलीपींस राष्ट्रपति ग्लोरिया मकपगल अरोयो
18 नवम्बर 2007 सिंगापुर प्रधानमंत्री ली सियन लूंग
27 फरवरी 2009 थाईलैंड प्रधानमंत्री अभिसित वेज्जाजिवा
10 अप्रैल 2009 थाईलैंड प्रधानमंत्री अभिसित वेज्जाजिवा
23 अक्टूबर 2009 थाईलैंड प्रधानमंत्री अभिसित वेज्जाजिवा
8 अप्रैल 2010 वियतनाम प्रधानमंत्री गुयेन टंन डुंग
28 अक्टूबर 2010 वियतनाम प्रधानमंत्री गुयेन टंन डुंग
7 मई 2011 इण्डोनेशिया राष्ट्रपति सुसीलो बाम्बांग युद्धोयोनो
14 नवम्बर 2011 इण्डोनेशिया राष्ट्रपति सुसीलो बाम्बांग युद्धोयोनो
3 अप्रैल 2012 कम्बोडिया प्रधानमंत्री हुन से
17 नवम्बर 2012 कम्बोडिया प्रधानमंत्री हुन से
24 अप्रैल 2013 ब्रुनेई सुल्तान हसनल बोल्कियाह
9 अक्टूबर 2013 ब्रुनेई सुल्तान हसनल बोल्कियाह
10 मई 2014 म्यांमार राष्ट्रपति यू थेन सेन
10 नवम्बर 2014 म्यांमार राष्ट्रपति यू थेन सेन
26 अप्रैल 2015 मलेशिया प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक
18 नवम्बर 2015 मलेशिया प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक
6 सितम्बर 2016 लाओस प्रधानमंत्री थोंगलुन सिसौलिथ
6 सितम्बर 2016 लाओस प्रधानमंत्री थोंगलुन सिसौलिथ
28 अप्रैल 2017 फिलीपींस राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते
10 नवम्बर 2017 फिलीपींस राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते
अप्रैल 2018 सिंगापुर प्रधानमंत्री ली सियन लूंग
11 नवम्बर 2018 सिंगापुर प्रधानमंत्री ली सियन लूंग
20 जून 2019 थाईलैंड प्रधानमंत्री प्रयुत चन ओचा
31अक्टूबर- 4नवम्बर 2019 थाईलैंड प्रधानमंत्री प्रयुत चन ओचा
26 जून 2020 वियतनाम प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक
12 नवम्बर 2020 वियतनाम प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक
26 अक्टूबर 2021 ब्रूनेई सुल्तान हसनल बोल्कियाह
12 मई 2022 कम्बोडिया प्रधानमंत्री हुन सेन
आसियान का क्षेत्रीय सहयोग :-
  • 1995 ईस्वी में पूर्व एशिया को परमाणु मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए सदस्यों ने एक समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किया |
  • 1997 ईस्वी में आसियान विजन 2020 को अपनाया गया |
  • सन 2003 ईस्वी में आसियान समुदाय की स्थापना के लिए बाली कान कार्ड की द्वितीय की स्थापना की गई तथा सन 2007 ईस्वी में सीबू की घोषणा सन 2015 में आसियान समुदाय की स्थापना में तेजी लाने के लिए किया गया था 
  • आसियान चार्टर लागू हुआ और कानून कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता साबित हुआ आसियान समुदाय का शुभारंभ सन 2015 ईस्वी में किया गया

निष्कर्ष :- दोस्तों मेरे द्वारा आसियान विषय पर  ASEAN FULL FORM IN HINDI, आसियान क्या है, आसियान के सदस्य देश?, पूरी जानकारी हिंदी में दिया गया है, मै आशा करता हूँ की दी गई जानकारी से संतुस्ट होंगे “धन्यवाद” 

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