SAARC Full Form In Hindi, सार्क की पूरी जानकारी?

विश्व में, कई देश सम्मिलित होकर आपसी सहयोग की भावना से संगठन का निर्माण किया है जैसे नाटो, ब्रिक्स, आसियान, ओपेक, G-20, इत्यादि, इन्हीं संगठनों में सार्क भी है इस पोस्ट में SAARC Full Form In Hindi, सार्क की पूरी जानकारी प्रदान की जायेगी, दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन का मुख्य उद्देश्य दक्षिण एशियाई क्षेत्रवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार और कल्याण को ध्यान में रखते हुए इनके सामाजिक-आर्थिक राजनीतिक सांस्कृतिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में उत्तरोत्तर वृद्धि और विकास ,आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना है 

SAARC Full Form In Hindi, सार्क की पूरी जानकारी?
SAARC Full Form In Hindi, सार्क की पूरी जानकारी?

SAARC Full Form In Hindi (SAARC का फुल फॉर्म?)

● Full Form SAARC in English – South Asian Association for Regional Cooperation (साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल को-ऑपरेशन)

● सार्क का फुल फॉर्म हिन्दी में (SAARC full form in Hindi ) – दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन

SAARC Full Form In Hindi : सार्क क्या है

सार्क दक्षिण एशिया के सात देशों का संगठन है सार्क की स्थापना 8 दिसंबर 1985 ई. को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में किया गया था हालांकि सार्क का मुख्यालय (SAARC full form and headquarters) 17 जनवरी 1987 ई को काठमांडू में स्थापित किया गया, इस समय सार्क के अंतर्गत भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और मालदीप सम्मिलित हैं स्थापना के समय सार्क के अंतर्गत 7 देश सम्मिलित थे बाद मे सन 2007 में 14वें बैठक का आयोजन भारत की राजधानी दिल्ली में किया गया था इसी बैठक के दौरान अफगानिस्तान सार्क का आठवां सदस्य देश बना |

सार्क में आठ सदस्य देश शामिल हैं :-

  1. अफगानिस्तान
  2. बांग्लादेश 
  3. भूटान
  4. भारत
  5. मालदीव
  6. नेपाल
  7. पाकिस्तान
  8. श्रीलंका
  • वर्तमान में सार्क के 9 पर्यवेक्षक सदस्य देश हैं- 1.ऑस्ट्रेलिया 2. चीन 3. यूरोपियन यूनियन 4. ईरान 5. जापान 6. रिपब्लिक ऑफ कोरिया 7. मॉरीशस 8. म्याँमार एवं 9. संयुक्त राज्य अमेरिका
  • सार्क निम्नलिखित सिद्धांतों के आधार पर कार्य करता है – क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता ,राजनीतिक स्वतंत्रता अन्य राज्यों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करके पारस्परिक लाभ के सिद्धांत पर कार्य करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय सहयोग – द्विपक्षीय या बहुपक्षीय सहयोग ना हो करके एक दूसरे के पूरक होंगे |

सार्क के प्रमुख कार्य क्षेत्र :-

यदि सार्क संगठन के कार्य क्षेत्र की बात करें तो दक्षिण एशियाई देशों के परस्पर सहयोग की भावना को ध्यान में रखते हुए इसके साथ ही पूरे विश्व में दक्षिण एशिया को आत्मनिर्भर और नेतृत्व कर्ता बनाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया था जैसे :-

  • पर्यावरण एम प्राकृतिक आपदा एवं बायो टेक्नोलॉजी
  • कृषि एवं ग्रामीण विकास
  • मानव संसाधन विकास एवं पर्यटन
  • आर्थिक व्यापार
  •  वित्त सामाजिक मुद्दे
  • सूचना
  • गरीबी उन्मूलन
  • ऊर्जा परिवहन
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
  • शिक्षा
  • सुरक्षा एवं संस्कृति आदि बिंदुओं पर हस्ताक्षरित किया गया था

सार्क संगठन के प्रमुख उद्देश्य

  1. SAARC संगठन का महत्वपूर्ण उद्देश्य दक्षिण एशियाई क्षेत्र वासियों के कल्याण के साथ-साथ उनके जीवन के मूल्य में सुधार करना
  2. दक्षिण एशियाई देशों के साथ मिलकर एक दूसरे की समस्या में सहयोग में भागीदारी
  3. सार्क सहयोग संगठन का उद्देश्य आर्थिक वृद्धि, सामाजिक प्रगति, सांस्कृतिक विकास में उत्तरोत्तर वृद्धि तथा साथ ही सभी व्यक्तियों के गौरवपूर्ण जीवन जीने का अवसर प्रदान करना तथा उनकी क्षमताओं का विकास करना
  4. सार्क सहयोग संगठन के अंतर्गत जैसे कृषि और ग्रामीण क्षेत्र का विकास करना
  5. शिक्षा और संस्कृति के साथ-साथ जैविक प्रौद्योगिकी, आर्थिक व्यापार और वित्तीय विकास को ध्यान रखना
  6. सार्क संगठन के नवीन लक्ष्य में जैसे ऊर्जा, पर्यटन, विज्ञान और तकनीक, सूचना, संचार तथा मीडिया विकसित करना
  7. सार्क सहयोग संगठन के कुछ मूलभूत पहलू गरीबी उन्मूलन सुरक्षा लोगों के बीच में अस्थाई सामंजस्य स्थापित करना तथा सामाजिक विकास करना
  8. अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्रीय संगठनों के साथ समान उद्देश्य एवं लक्षणों के साथ सहयोग में वृद्धि करना तथा समान हितों के मामले में अंतरराष्ट्रीय मंच पर आपसी सहयोग को मजबूत बनाना

सार्क संगठन और इसका महत्व

  • SAARC सदस्य देशों का क्षेत्रफल विश्व के क्षेत्रफल का लगभग तीन प्रतिशत है तथा विश्व की कुल आबादी का 21% सार्क देशों की भागीदारी है वैश्विक अर्थव्यवस्था में सार्क की 3.8 प्रतिशत (2.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) हिस्सेदारी है  
  • यह दुनिया की सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उपजाऊ क्षेत्र में शिखर पर है सार्क देशों भोजन, संस्कृति एवं राजनीतिक पहलू लगभग मिलती जुलती  है और उनके कार्यों में तालमेल तथा आपसी सहयोग की भावना सदैव प्रबल रही है
  • सार्क के सदस्य देश ऑन की समस्याएं जैसे गरीबों निरीक्षता कुपोषण प्राकृतिक आपदाएं आंतरिक संघर्ष औद्योगिक एवं तकनीकी पिछड़ापन निम्न राष्ट्रीय आय तथा सामाजिक स्तर निम्न होना इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए सार्क सहयोग संगठन का आपसी सहयोग में काफी हद तक बदलाव आया है

सार्क के वर्तमान महासचिव कौन है

 SAARC संगठन के वर्तमान महासचिव की बात करें तो श्रीलंका के महामहिम श्री एसाला रुवान वीराकून ने 1 मार्च 2020 को महासचिव के पद का पदभार संभाला श्री लंका जोकि श्रीलंका के विदेश मंत्रालय के अलावा वीरकुन ने पर्यटन विकास मंत्रालय के सचिव अतिरिक्त सचिव आर्थिक विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव आवास मंत्रालय में भी कार्य का काफी सराहनीय अनुभव रहा है

SAARC Full Form In Hindi, सार्क की पूरी जानकारी?
SAARC Full Form In Hindi, सार्क की पूरी जानकारी?

SAARC Full Form In Hindi : सार्क सम्मलेन :-

  • सार्क का 18वां शिखर सम्मेलन 18वां शिखर सम्मेलन सन 2014 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित हुआ था घोषणा पत्र सामूहिक कार्य वाही की आवश्यकता वाले मुद्दे के रूप में श्रमप्रवास की पहचान तथा अनुच्छेद 21 में कहा गया कि सार्क के दक्षिणी एशियाई प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहमति का मुख्य विषय था
  • शिखर सम्मेलन के दौरान सार्क के नेताओं ने महिलाओं और बच्चों के हो रही तस्करी को रोकने के लिए अधिकारियों का आह्वान किया था 2015 के मुताबिक क्षेत्रीय स्तर पर सतत विकास के लक्षण को ध्यान में रखकर शुरू किया गया था

SAARC सम्मलेन :-

प्रथम 7,8 दिसम्बर  बांग्लादेश  ढाका  एचएम इरशाद
द्वितीय  नवम्बर 1986 भारत बेंगलूरू राजीव गाँधी
तृतीय  नवम्बर 1987 नेपाल काठमांडू मरिचमान सिंह श्रेष्ठ
चौथा  दिसम्बर 1988 पाकिस्तान इस्लामाबाद बेनज़ीर भुट्टो
पाँचवाँ  नवम्बर 1990 मालदीव माले मॉमून अब्दुल गय्यूम
छठा  दिसम्बर 1991 श्रीलंका कोलम्बो रणसिंहे प्रेमदासा
सातवाँ  अप्रैल 1993 बांग्लादेश ढाका खालिदा ज़िया
आठवाँ  मई 1995 भारत नई दिल्ली पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव
नौवाँ  मई 1997 मालदीव माले मॉमून अब्दुल गय्यूम
दसवाँ  जुलाई 1998 श्रीलंका कोलम्बो चन्द्रिका कुमारतुंगा
ग्यारहवाँ  जनवरी 2002 नेपाल काठमांडू शेर बहादुर देउवा
बारहवाँ  जनवरी 2004 पाकिस्तान इस्लामाबाद मीर ज़फ़रुल्लाह ख़ान 
तेरहवाँ  नवम्बर 2005 बांग्लादेश ढाका खालिदा ज़िया
चौदहवाँ  अप्रैल 2007 भारत नई दिल्ली मनमोहन सिंह
पन्द्रहवाँ  अगस्त 2008 श्रीलंका कोलम्बो महिन्दा राजपक्षे
सोलहवाँ  अप्रैल 2010 भूटान थिम्फू जिग्मे थिनले
सत्रहवाँ  नवम्बर 2011 मालदीव अडडू मोहम्मद नशीद
अठारहवाँ  नवम्बर 2014 नेपाल काठमांडू सुशील कोइराला
उन्नीसवाँ  नवम्बर 2016 पाकिस्तान इस्लामाबाद रद्द

 

  • सार्क संगठन का अगला सम्मेलन सन 2016 में पाकिस्तान में आयोजित होना था परंतु भारत समेत बांग्लादेश,भूटान, अफगानिस्तान ने इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था इस कारण सम्मेलन रद्द हो गया |
  • बीसवां में सार्क संगठन की बात करें तो इसका आयोजन पाकिस्तान में होना था परंतु उद्देश्य विहीन और पूर्ण रूप से असफल रहा इसका मुख्य कारण पूरी दुनिया जानती है क्योंकि सहायक संगठन में मात्र एक देश ऐसा है जो सहयोग की भावना तो पूरी तरीके से रखता है लेकिन सार्क के साथ नहीं अन्य संगठनों के साथ..
  1. SAARC का लेटेस्ट अपडेट यहाँ से चेक करें  
  2. ISRO के विषय के जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

FAQ’S :-

Q.1 सार्क क्या है?

Ans-सार्क आठ देशों का एक संगठन सार्क है संगठन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक असमानता की खाई को कम करना

Q.2 सार्क संगठन की स्थापना कब हुई?

Ans-सार्क संगठन की स्थापना 8 दिसंबर 1985 ई की में किया गया था

Q.3 सार्क संगठन का मुख्यालय कहां है?

Ans-सार्क संगठन का मुख्यालय नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित है

Q.4 सार्क संगठन में वर्तमान में कुल कितने सदस्य देश हैं?

Ans-सार्क संगठन में वर्तमान समय में कुल आठ सदस्य देश शामिल हैं भारत अफगानिस्तान बांग्लादेश भूटान मालदीप नेपाल पाकिस्तान और श्रीलंका

Q.5 What is the full form of SAARC ? ( सार्क का फुल फॉर्म क्या है )

Ans-South Asian Association for Regional Cooperation (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन)

Q.6 SAARC Full Form In Hindi ?

Ans-(दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन)

4 thoughts on “SAARC Full Form In Hindi, सार्क की पूरी जानकारी?”

Leave a Comment