Vanya Jeev Sanrakshan Adhiniyam: वन्य जीव संरक्षण अधिनियम विस्तृत जानकारी

वन्य जीव संरक्षण भारत जैव-विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है वन्य जीव की विभिन्न प्रजातियां यहां पाई जाती हैं औद्योगीकरण प्राकृतिक स्थलों के विनाश तथा प्राकृतिक संसाधनों के अविवेकपूर्ण दोहन से वन्य जीव तथा उनके प्राकृतिक स्थलों में निरंतर कमी हो रही है भारत सरकार द्वारा वन्यजीवों के संरक्षण के लिए विभिन्न प्रयास किया जा रहे हैं Vanya Jeev Sanrakshan Adhiniyam: “वन्य जीव संरक्षण अधिनियम” विस्तृत जानकारी तथ्यात्मक रूप में सामिल किया गया है 

Vanya Jeev Sanrakshan Adhiniyam: वन्य जीव संरक्षण अधिनियम विस्तृत जानकारी
Vanya Jeev Sanrakshan Adhiniyam: वन्य जीव संरक्षण अधिनियम विस्तृत जानकारी

वन्य जीव संरक्षण (Vanya Jeev Sanrakshan Adhiniyam)

वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के द्वारा विभिन्न प्रकार के विलुप्त प्रजातियों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका है आज लगभग 1972 अधिनियम के 52 वर्ष पूरे हो चुके हैं इसके अंतर्गत कई ऐसे संकटापन्न प्रजातियों को संरक्षण की कैटेगरी में लाया गया है जिनका बचाना मुश्किल था

  • यदि वन्य जीव संरक्षण के विषय में संवैधानिक प्रावधान की बात करें तो 42वें संविधान संशोधन 1976 के अनुसार वन एवं वन्य जीव एवं पक्षियों का संरक्षण का विषय राज्य विषय सूची से समवर्ती सूची में शामिल किया गया |
  • देश के प्रत्येक नागरिक को भारतीय संविधान के (अनुच्छेद 51 ‘क’) तथा राज्य के नीति निर्देशक तत्व के अंतर्गत (अनुच्छेद 48 ‘क’) के अनुसार क्रमशः
  • वन और वन्य जीव सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा अथवा उसमें सुधार प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य होगा
  • इसके साथ ही राज्य पर्यावरण की रक्षा एवं सुधार देश के वनों तथा वन्य जीव की रक्षा, बिंदुओं पर विशेष चर्चा किया गया

वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 :-

  • 1972 ई में भारत सरकार द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम पारित किया गया
  • वन्य जीव संरक्षण अधिनियम जम्मू कश्मीर को छोड़कर सभी राज्यों में लागू होता था
  • यदि अधिनियम वन्य जीवों के शिकार एवं उन्हें पकड़ने का निषेध करता है
  • अधिनियम में वन प्राणियों के शिकार पर ₹25000 का आर्थिक दंड और 6 वर्ष कारावास का प्रावधान है
  • इस अधिनियम के अंतर्गत देश में नेशनल पार्क है वन्य जीव अभ्यारण की स्थापना की गई है

वन्य जीव अभ्यारण :-

  • वन्य जीव अभ्यारण का गठन किसी एक प्रजाति अथवा कुछ विशिष्ट प्रजातियों के संरक्षण हेतु किया जाता है
  • अर्थात यह विशिष्ट प्रजातियां आधारित संरक्षित होते हैं
  • अभ्यारण में स्थानीय निवासियों के लिए जंगली उत्पाद एकत्र करने वृक्षों तथा घास की सीमित कटाई तथा जमीन का निजी स्वरूप बने रहने जैसी बातों की छूट रहती है |
  • देश में सर्वाधिक वन्य जीव अभ्यारण अंडमान-निकोबार दीप समूह में हैं

 

क्रमांक

अभ्यारण का नाम

सम्बंधित राज्य

प्रसिद्धि

1

कच्छ का छोटा रन

गुजरात

जंगली गधा

2

काजीरंगा

असम

एक सींग वाला गैंडा

3

गिर

गुजरात

एशियाई सिंह

4

वन विहार नेशनल पार्क

मध्य-प्रदेश

सफ़ेद बाघ

5

रेगिस्तान राष्ट्रीय पार्क

राजस्थान

ऊंट

6

केवलादेव राष्ट्रीय पार्क

राजस्थान

साइबेरियन क्रेन

राष्ट्रीय उद्यान :-

  • राष्ट्रीय उद्यान का गठन विशेष प्रकार की शरण स्थली के जीव संरक्षण के लिए किया जाता है
  • अर्थात यह हैबिटेट ओरिएंटेड होते हैं
  • उनके अंतर्गत इसके अंतर्गत एक विशेष प्रकार के क्षेत्र में रहने वाले सभी जीवो का संरक्षित किया जाता है
  • उद्यान क्षेत्र में कटाई, चराई आवास को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं होती है
  • भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान हेमिस हाई जम्मू कश्मीर के लेह  जनपद में स्थित है
  • देश का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान अंडमान-निकोबार जिले में साउथ बटन 03किमी वर्ग  है
  • सर्वाधिक राष्ट्रीय सर्वाधिक राष्ट्रीय उद्यान मध्य-प्रदेश 9 और अंडमान-निकोबार समूह में 9 है
  • पद्मजा नायडू हिमालयन प्राणी उद्यान दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल में है

भारतीय वन्यजीव बोर्ड :-

  • 1985 में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अधीन भारतीय वन्य जीव बोर्ड का गठन किया गया
  • भारतीय वन्य जीव बोर्ड के अध्यक्ष प्रधानमंत्री हैं
  • बोर्ड वन्य जीव संरक्षण की अनेक योजनाओं की क्रियान्वयन की निगरानी और दिशा निर्देश करने वाला शीर्ष सलाहकार निकाय है
  • अधिनियम के अधीन प्रत्येक राज्य के लिए एक वन्य जीव सलाहकार बोर्ड का गठन किया गया है
  • तृतीय राष्ट्रीय वन्य जीव कार्य योजना 2017 से 2021 वन जीवन संरक्षण के लिए कार्य नीति और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करती है
  • ध्यातव्य है कि भारतीय संविधान के तहत वन एवं वन्य जीवन समवर्ती सूची के विषय हैं

भारत में संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क :-

  1. बायोस्फियर रिज़र्व शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम एडवर्ड सुयस ने किया था
  2. भारत में अब तक 906 प्लस संरक्षित क्षेत्र का नेटवर्क स्थापित किया जा चुका है
  3. यह संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 5.02% क्षेत्रफल पर विस्तारित है
  4. इस नेटवर्क में 106 राष्ट्रीय उद्यान 553 वन्य जीव अभ्यारण 86 संरक्षण रिजर्व एंड 163 सामुदायिक रिजर्व शामिल हैं

राष्ट्रीय वन्य जीव कार्य योजना

  • देश में वन्य जीव संरक्षण के उद्देश्य से 1983 में राष्ट्रीय वन्य जीव कार्य योजना की शुरुआत की गई
  • इस परियोजना के अंतर्गत वन जीव संरक्षण हेतु कार्यक्रम और परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई
  • इस कार्य योजना के अंतर्गत ही बाघ और हाथी संरक्षण जैसे परियोजनाएं शुरू की गयी
  • नवीनतम राष्ट्रीय वन्य जीव कार्यक्रम योजना 2017 से 2031 स्वीकार किया गया

वन्य जीव संरक्षण परियोजनाएं

बाघ परियोजना :-

  1. बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है
  2. 1969 ईस्वी में आईयूसीएन के 10 में अधिवेशन में बाघों के संरक्षण का निर्णय लिया गया
  3. भारत में पहली बाघ गणना वर्ष 1972 ईस्वी में की गई थी
  4. 1 अप्रैल 1973 ई को उत्तराखंड के जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान में बाघ परियोजना की शुरुआत की गई
  5. 4 सितंबर 2006 को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण का गठन किया गया
  6. क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा बाघ रिजर्व नल्लमलाई श्रेणी में स्थित नागार्जुन सागर (श्री सैलम आंध्र-प्रदेश) है
  7. बोर (महाराष्ट) क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा बाघ अभ्यारण है
  8. नामदफा अरुणाचल-प्रदेश विश्व में सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित बाघ अभ्यारण है
  9. भारत का दक्षिणतम बाघ रिजर्व कालकड-मुंडथेरेई (तमिलनाडु) है
  10. काजीरंगा विश्व में सर्वाधिक घनत्व वाला बाघ रिजर्व है
  11. भारत के मध्य-प्रदेश में टाइगर रिजर्व के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहां देश के कुल बाघों की संख्या का लगभग एक-तिहाई बाघ पाए जाते हैं
  12. वन विहार नेशनल पार्क मध्य-प्रदेश में सफेद बाघों का संरक्षण किया जा रहा है
  13. दुर्लभ सफेद बाघों के लिए उड़ीसा का नंदन कानन प्रसिद्ध है
  14. स्वर कैलाश संख्या को टाइगर मैन ऑफ इंडिया की संज्ञा प्रदान की गई है
  15. वर्तमान २०२३ में बाघ परियोजना के अंतर्गत 54 बाघ रिजर्व क्षेत्र हैं
  16. 6 सितंबर 2016 को अरुणाचल-प्रदेश में कमलांग वन्य जीव अभ्यारण को प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत शामिल किया गया
  17. धौलपुर करौली भारत का 54 वां बाघ अभ्यारण है
  18. बाघ गणना २०२३ के अनुसार मध्य-प्रदेश  में बाघों की संख्या में सर्वाधिक वृद्धि हुई है
  19. बाघ गणना २०२३ के अनुसार बाघों की संख्या में वृद्धि वाले चार राज्य क्रमशः मध्य-प्रदेश-785, कर्नाटक-563, उत्तराखंड-560, महाराष्ट्र-444 है 
  20. भारत सरकार द्वारा वर्ष 2010 को बाघ वर्ष घोषित किया गया
  21. 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है एनिमल प्लेनेट द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार बाग दुनिया का सबसे पसंदीदा जानवर है
  22. मध्य-प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान में प्रतिवर्ष मोगली महोत्सव मनाया जाता है
  23. मोगली महोत्सव का उद्देश्य बच्चों में प्रकृति के प्रति स्नेह और अपनत्व की भावना विकसित करना है

हाथी परियोजना :-

  • हाथी सदियों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहे हैं
  • 1992 में गजमते नाम से हाथी परियोजना चलाई जा रही है
  • वर्तमान में देश के 16 राज्य में यह परियोजना चलाई जा रही है
  • अगस्त 2010 में भारत सरकार द्वारा हाथी को राष्ट्रीय धरोहर पशु घोषित किया गया
  • केंद्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से राजस्थान के जयपुर के आमेर कुंडा गांव में एशिया के तीसरे एलिफेंट विलेज का निर्माण किया गया
  • देश में पहला हाथी पुनर्वास केंद्र हरियाणा में बनाया जा रहा है
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भारत में हाथी रिजर्व :-

मगरमच्छ/घड़ियाल संरक्षण परियोजना :-

  • 1975 ईस्वी में भारत सरकार द्वारा उड़ीसा के धेनकलाल जिले के टिकरापारा से घड़ियाल प्रजनन परियोजना का शुभारंभ किया गया
  • इसी वर्ष उत्तर-प्रदेश के लखनऊ के कुकरेल वन में घड़ियाल प्रजनन केंद्र स्थापित किया गया
  • मध्य-प्रदेश, उत्तर-प्रदेश तथा राजस्थान में विस्तृत चंबल अभ्यारण तथा आंध्र-प्रदेश का कृष्ण-अभ्यारण, देश के दो वृहद मगरमच्छ अभ्यारण है
  • मगर-अभ्यारण की सर्वाधिक संख्या आंध्र-प्रदेश में है
  • हैदराबाद में केंद्रीय मगर परियोजना प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की गई

अंगुल परियोजना:-

  • 1970 में हंगुल परियोजना का शुभारंभ किया गया
  • हंगुल यूरोपीय रेनडियर प्रजाति का हिरण है
  • वर्तमान में यह केवल कश्मीर के 10 निगम राष्ट्रीय उद्यान में पाया जाता है

मणिपुर थामिन परियोजना :-

  • 1977 में मणिपुर थमिन परियोजना की शुरुआत की गई
  • मणिपुर के लोकटक झील के दक्षिण-पूर्वी भाग में थामिल मृग पाया जाता है
  • तमिलनाडु की गणना विश्व के दुर्लभ स्तनधारी में की जाती है

गैंडा परियोजना :-

  • 1987 में गैंडा परियोजना की शुरुआत की गई 
  • गैंडा मुख्यतया असम के मानस अभ्यारण एवं काजीरंगा उद्यान एवं पश्चिम बंगाल के जल्दापारा अभ्यारण में पाए जाते हैं

गिद्ध संरक्षण परियोजना :-

  • असम के धरमपुल में देश का पहला गिद्ध प्रजनन केंद्र स्थापित किया गया
  • गिद्धों की मृत्यु का कारण पशुओं को दी जाने वाली दर्द निवारक दवाई डीक्लोफिनेक है
  • आईयूसीएन रेड डाटा बुक में गिद्धों को अति संकटापन्न प्रजाति की श्रेणी में रखा गया है
  • जूनागढ़ भोपाल हैदराबाद तथा भुवनेश्वर में गिद्ध संरक्षण परियोजना की शुरुआत की गई है
  • देश में पिंजौर (हरियाणा) बुक्सा पश्चिम ९-बंगाल तथा रानीवन-असम में तीन गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र स्थापित किए गए

गंगा नदी डॉल्फिन संरक्षण :-

  1. 5 अक्टूबर 2009 को भारत सरकार द्वारा गंगा नदी डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया
  2. डॉल्फिन को गंगा नदी के टाइगर की संज्ञा प्रदान की गई
  3. विश्व वन्यजीव कोष डॉल्फिन के संरक्षण हेतु रिवर का लाइफ अभियान चला रहा है
  4. देश का प्रथम डॉल्फिन रिजर्व हूंगल नदी पश्चिम-बंगाल में स्थापित किया गया
  5. डॉल्फिन स्तनधारी संघ जीव है
  6. इसे स्थानीय भाषा में सूंस भी कहा जाता है
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लाल पांडा परियोजना :-

  • 1996 में विश्व प्रकृति निधि WWF के सहयोग से पद्मजा नायडू हिमालय जंतु पार्क ने लाल पांडा परियोजना का शुभारंभ किया
  • भारत के पूर्वी हिमालय क्षेत्र में 1500 से 4000 मीटर की ऊंचाई पर लाल पांडा पाए जाते हैं

गोदावण परियोजना :-

  • राजस्थान सरकार द्वारा द ग्रेट इंडियन शब्द पक्षी के संरक्षण हेतु जैसलमेर में प्रोजेक्ट गोदावाड़ अभियान शुरू किया गया है
  • इस प्रकार का अभियान प्रारंभ करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है |

 

  1. Vanya Jeev Sanrakshan Adhiniyam
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