Voting Behaviour In India: मतदान व्यवहार का अर्थ एवं परिभाषा

Voting Behaviour In India: मतदान व्यवहार को निर्वाचन व्यवहार के रूप में भी जाना जाता है यह राजनीतिक व्यवहार का ही एक रूप है इसका आशय किसी लोकतांत्रिक राजनीतिक प्रणाली में चुनाव के संदर्भ में मतदाताओं के व्यवहार से है

Voting Behaviour In India: मतदान व्यवहार का अर्थ एवं परिभाषा
Voting Behaviour In India: मतदान व्यवहार का अर्थ एवं परिभाषा

Voting Behaviour In India मतदान व्यवहार का अर्थ एवं परिभाषा

प्लानो एंड रिंग्स के शब्दों में :- सार्वजनिक चुनाव में लोग किस प्रकार वोट देते हैं इससे संबंधित अध्ययन क्षेत्र ही मतदान व्यवहार है और इसमें वह कारण भी शामिल हैं कि लोग मतदान इस प्रकार क्यों नहीं करते हैं ।

गार्डनर मार्शल के अनुसार :- मतदान व्यवहार का अध्ययन उन निर्धारकों पर एकाग्र होता है कि लोग एक खास तरीके से क्यों नही मतदान करते हैं तथा इस बारे में लिए गए निर्णय तक कैसे पहुंचते हैं ।

ओइनम कुलाबिंधु:- मतदान व्यवहार को ऐसे व्यवहार के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो की मतदाता को पसंद प्राथमिक विकल्पों, विचारधाराओं, चिताओं, समझौता तथा कार्यक्रमों को साफ-साफ प्रतिबिंबित करता है जो की विभिन्न मुद्दों से जुड़े होते हैं और समाज तथा राष्ट्र से संबंधित प्रश्नों से संबंधित होते हैं ।

स्टीफन बाज पाई :-  मतदान व्यवहार के अंतर्गत व्यक्तिक मनोवैज्ञानिक निमित्त तथा उसका राजनीतिक क्रिया के साथ-साथ सांस्कृतिक विन्यास जैसे कि संचार प्रक्रिया तथा चुनाव पर उसका प्रभाव शामिल होता है ।

मतदान व्यवहार का महत्व (Voting Behaviour In India)

What is Voting Behaviour :-मतदान का अभिलेख इतिहास ग्रीक पोलिस तक जाता है मतदान व्यवहार के लिए आधुनिक शब्द सेफोलॉजी की उत्पत्ति भी शास्त्री ग्रीक सेफ्रश (Psephos) से हुई है “जिसका अर्थ (Voting behaviour meaning) ऐसे मृदभांडों से है जिन पर कतिपय मत उत्कीर्ण रहते थे विशेष तौर पर राज्य के लिए खतरनाक वस्तुओं से संबंधित है”

मतदान व्यवहार का अध्यन क्यों जरूरी है

  • यह राजनीतिक-समाजीकरण की प्रक्रिया को समझने में सहायक होता है
  • यह अभिजात्य के साथ-साथ आम जनों में भी लोकतंत्र के अन्ता कारन की जांच करने में सहायक होता है
  • यह क्रांतिकारी मतपेटी  के वास्तविक प्रभाव का महत्व बताता है
  • यह लोकतांत्रिक शासन को वैधता प्रदान करने का एक तरीका है
  • राजनीतिक प्रक्रिया में सहभागिता का समावेश कर राजनीतिक समुदाय को एकजुट रखना
  • निर्णय की क्रिया को दर्शना
  • एक विशेष प्रकार की राजनीति, संस्कृति में विनायक एक निश्चित राजनीतिक उन्मुखीकरण को संबंध करते हुए एक भूमिका अख्तियार करना
  • एकाल नागरिक का औपचारिक सरकार से सीधे संबंध स्थापित होना |

मतदान व्यवहार के निर्धारक 

Voting Behaviour In India :- भारतीय समाज में अपनी प्रकृति एवं रचना में अत्यंत विविध है इसलिए भारत में मतदान व्यवहार को प्रभावित करने वाले अनेक कारक हैं यह कारक दो बड़ी कोटियों में बांटे जा सकते हैं सामाजिक-आर्थिक कारक तथा राजनीतिक कारक उनकी व्याख्या नीचे दी गई है

जाति :- जाति मतदाताओं के व्यवहार को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है जातियों का राजनीतिकरण तथा राजनीति में जातिवाद भारतीय राजनीति का महत्वपूर्ण विशेषता रही है

  • रजनी कोठारी के अनुसार :- “भारतीय राजनीति जातिवादी है तथा जाति राजनीतिकृत है” राजनीतिक दल अपनी चुनावी रणनीति बनाने समय जाति के कारक को हमेशा ध्यान में रखते हैं
  • पाल ब्रास ने भारतीय (Voting behaviour essay) जातीय कारक की भूमिका की व्याख्या करते हुए कहा है स्थानीय स्तर पर देहात में मतदान व्यवहार का सबसे महत्वपूर्ण कारक जातीय एकता है
  • बड़ी और महत्वपूर्ण जातियां अपने चुनाव क्षेत्र में अपनी ही जाति के किसी नामी गिरामी सदस्य को समर्थन देती हैं या ऐसे राजनीतिक दल को समर्थन देती हैं जिनसे उनकी जाति के सदस्य अपनी पहचान स्थापित करते हैं
  • हालांकि स्थानीय गुट तथा स्थानीय राज्यीय गुटीय गठबंधन जिनमे अंतर जातीय गठबंधन ही महत्वपूर्ण कारक होते हैं भी मतदान व्यवहार को प्रभावित करते हैं
Voting Behaviour In India: मतदान व्यवहार का अर्थ एवं परिभाषा
Voting Behaviour In India: मतदान व्यवहार का अर्थ एवं परिभाषा

धर्म :- धर्म एक अन्य महत्वपूर्ण कारक है जो Voting Behaviour को प्रभावित करता है राजनीतिक दल सांप्रदायिक प्रचार में शामिल होते हैं और मतदाताओं की धार्मिक भावनाओं का शोषण करते हैं

  • अनेक सांप्रदायिक पार्टियों के होने से धर्म का भी राजनीतिकरण हुआ है
  • भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र होते हुए भी कोई दल चुनावी राजनीतिक में धर्म के प्रभाव की अवहेलाना नहीं करता |

भाषा :- भाषाई विचार भी लोग के मतदान व्यवहार को प्रभावित करता है चुनाव के दौरान राजनीतिक दल लोगों की भाषा ही भावना उभर कर उनके निर्णय को प्रभावित करते हैं-

  • भाषा के आधार पर राज्यों का (पुनर्गठन में 1965 में और उसके बाद) यह स्पष्ट रूप से भारतीय राजनीति में भाषाई कारक का महत्व दर्शाते हैं
  • तमिलनाडु में डीएमके तथा आंध्र प्रदेश में टीडीपी जैसे दलों का उदय निश्चित रूप से भाषावाद के आधार पर हुआ है

क्षेत्र  :- क्षेत्रवाद तथा उप क्षेत्रवाद का भी मतदान व्यवहार में महत्वपूर्ण भूमिका है अप राष्ट्रीयता की संकीर्ण भावनाएं अनेक राज्यों में क्षेत्रीय दलों के उदय का कारण बनी है

  • यह क्षेत्रीय दल क्षेत्रीय अस्मिताओं तथा भावनाओं के आधार पर मतदाताओं से मत की अपील करते हैं कभी-कभी अलगाववादी दल चुनाव बहिष्कार की अपील भी करते हैं |

व्यक्तित्व :- दल के नेता का करिश्मा व्यक्तित्व भी Voting Behaviour को प्रभावित करता है

  • जिस प्रकार जवाहरलाल नेहरू इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी बाजपेई, तथा नरेंद्र मोदी की ऊंची छवि की मतदाताओं को उनके दलों अथवा उनके द्वारा समर्थित दलों के पक्ष में मत देने के लिए प्रभावित किया
  • इस प्रकार राज्य स्तर पर भी क्षेत्रीय दल के नेता का करिश्माई व्यक्तित्व चुनाव में लोकप्रिय समर्थन का महत्वपूर्ण कारक रहा है

धन :- मतदान व्यवहार की व्याख्या करते हुए धन या पैसा की अनदेखी नहीं की जा सकती

  • चुनावी खर्चों पर सीमा बढ़ने के बावजूद करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं
  • मतदाता अपने मत के बदले पैसा या शराब या कोई और वास्तु चाहता है
  • दूसरे शब्दों में वोट के बदले नोट का खुलेआम प्रचलन होता है
  • हालांकि धन मतदाता के निर्णय को सामान्य परिस्थितियों में ही प्रभावित कर पता है चुनाव ज्वार की स्थिति में नहीं

पाल ब्रास ने वेब इलेक्शन को इस प्रकार परिभाषित किया है :- कि वेब इलेक्शन हुआ है जिनमें जिसमें मतदाताओं के बीच एक ही दिशा में एक प्रवृत्ति बनी शुरू होती है जो कि किसी एक राष्ट्रीय दल अथवा उसके नेता के पक्ष में होती है

  • यह किसी एक मुद्दे पर अथवा अनेक मुद्दों पर आधारित होती है जो स्थानीय गणना तथा गठबंधनों का अतिक्रमण कर जाता है और
  • वही बड़ी संख्या में प्रतिबद्ध मतदाताओं को एक ही दिशा में गांव दर गांव और चाय की दुकान तक खींचना जाता है

सत्ताधारी दल का प्रदर्शन :- चुनाव के मौके पर प्रत्येक राजनीतिक दल अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करता है जिससे मतदाताओं से अनेक प्रकार के वादे किए जाते हैं इसी चुनावी घोषणा पत्र के आधार पर सत्ताधारी दल के प्रदर्शन का निर्णय किया जाता है

  • 1977 ईस्वी में कांग्रेस पार्टी की हार तथा 1980 में जनता पार्टी की सरकार हार यही दर्शाती है कि सत्ताधारी दल मतदाता व्यवहार को प्रभावित करता है
  • इस प्रकार एंटी इंकम्बेन्सी फैक्टर जिनके अर्थ सत्ताधारी दल के कर प्रदर्शन से असंतोष निर्वाचित किए व्यवहार का एक निर्धारक तत्व है

दलीया पहचान :- राजनीति दालों के साथ निजी एवं भावनात्मक जुड़ाव का भी मतदान व्यवहार निर्धारित करने में एक भूमिका है

  • जो लोग किसी दल के साथ अपनी पहचान जोड़ते हैं वह लाख कमियों में खूबियों के बावजूद इस दल के लिए मतदान करेंगे
  •  पहचान विशेषकर 1950 तथा 1960 के दशकों में बहुत मजबूत थी हालांकि 1970 के बाद इसमें गिरावट आई है

विचारधारा :- किसी राजनीतिक दल द्वारा पोषित विचारधारा की भी मतदाता के निर्णय को प्रभावित करती है

  • कुछ लोग समाज में कुछ विचारधाराओं जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, देशभक्ति तथा विकेंद्रीकरण आदि के प्रति प्रतिबद्ध होते हैं
  • ऐसे लोग उन्हीं दलों के उम्मीदवारों को मत देते हैं जो उनकी विचारधारा को ही मानते हैं लेकिन
  • यहां एक उल्लेख करना जरूरी है कि ऐसे लोग गिनती के हैं

Voting Behaviour In India :-अन्यकारक ऊपर प्रस्तुत कारकों के अतिरिक्त कुछ अन्य कारक भी हैं जो भारतीय मतदाता के पहचान मतदान व्यवहार को निर्धारित करते हैं जैसे-

  • चुनाव पूर्व घटी कुछ राजनीतिक घटनाएं जैसे युद्ध, किसी नेता की हत्या, भ्रष्टाचार की अपकीर्ति आदि
  • चुनाव के साथ समय ही आर्थिक दशाएं जैसे- मुद्रास्फीति, खाद्य की कमी, बेरोजगारी आदि
  • गुटबाजी भारतीय राजनीति में नख सिख तक व्याप्त एक विशेषता है
  • आयु वृद्धि या युवा
  • लिंग पुरुष या महिलाएं
  • शिक्षा शिक्षित या अशिक्षित
  • बसावट ग्रामीण या नगरी
  • वर्ग धनी निधन
  • परिवार एवं नातेदारी
  • उम्मीदवार की उन्मुखता
  • चुनाव अभियान
  • राजनीति परिवार की पृष्ठभूमि
  • मीडिया की भूमिका
Voting Behaviour In India: मतदान व्यवहार का अर्थ एवं परिभाषा
Voting Behaviour In India: मतदान व्यवहार का अर्थ एवं परिभाषा

चुनाव में मतदान व्यवहार में मीडिया की भूमिका

  • सूचना प्रसार :- चुनाव से संबंधित सूचना प्रसार विशेष का चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी हितधारकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है चुनाव की घोषणा नामांकन जांच चुनाव अभियान सुरक्षा व्यवस्था मतगणना तथा परिणाम की घोषणा आदि इन सबको व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार की जरूरत होती है
  • मतदाताओं को कुछ बुनियादी बातों की जानकारी जैसे चुनाव कब-कहां हुआ कैसे की जानकारी मीडिया से ही मिलती है
  • यहां तक की अंतिम सरकार में हुए परिवर्तनों मतदानों आयोजन एवं आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन चुनावी खर्च सीमा का उल्लंघन
  • किसी प्रकार की कोई दुर्घटना अथवा अशांति आदि की सूचना न केवल आम लोगों को बल्कि चुनाव आयोग को भी मीडिया से ही मिलती है
  • समाचार पत्रों और समाचार चैनलों ने उत्साह पूर्वक उम्मीदवारों की शैक्षणिक एवं आर्थिक स्थिति अथवा उनके आपराधिक पृष्ठभूमि संबंधी सूचनाओं का भरपूर उपयोग किया है
  • जो कि उनके द्वारा शपथ पत्र में होती है और जिन्हें चुनाव आयोग तत्काल ही अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित कर देता है चुनाव प्रणाली में ईमानदारी एवं पारदर्शिता को यह और बढ़वा देती है 

आचार संहिता तथा अन्य कानून :-

  1. आज के लोकतांत्रिक एवं राजनीतिक भू दृश्य में एक वॉच-डॉग या प्रहरी के रूप में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है
  2. मीडिया पेसी-बल एंड धन-बल की घटनाओं को फौरन उभरता है तथा मतदाता को नैतिक एवं प्रलोभन रहित मतदान के लिए शिक्षित करता है
  3. यह आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले को भी ला सकता है जैसे
  4. घृणा-प्रसार वाले भाषण तथा मतदाताओं को प्रभावित करने वाले आधारहीन तथा आप अप्रत्याशित आरोप आदि
  5. मीडिया की इन उल्लंघन संबंधी रिपोर्ट का चुनाव आयोग इस प्रकार संज्ञान लेता है
  6. जैसे की औपचारिक शिकायतों का मीडिया राजनीति कार्यकर्ताओं तथा मतदाताओं को आदर्श आचार संहिता के प्रति संवेदित करता है बल्कि उन कानून के प्रति भी जो चुनाव का प्रशासन करते हैं

चुनाव कानून का पालन (Voting Behaviour In India) :-

चुनाव आयोग मीडिया का नियमन नहीं करता है लेकिन उसे पर कानूनी प्रावधानों एवं न्यायालय के आदर्शों का पालन करने का दायित्व होता है और इसका संबंध मीडिया से अथवा उसके कामकाज के कुछ पक्षों में आवश्यक होता है

चुनाव के दौरान मीडिया उपस्थिति और हर स्तर पर सक्रिय रहता है और इसका मतलब है कि मीडिया को भी चुनाव कानून का पालन करना पड़ता है यह कानून निम्नलिखित है-

  1. जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 126ए  :- यह एग्जिट पोल तथा उसके परिणाम के प्रसार अथवा प्रथम चरण के चुनाव शुरू होने के पहले और अंतिम चरण के चुनाव संपन्न होने के आधे घंटे बाद तक की अवधि पर रोक लगाता है यह सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए है |
  2. जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 126  :-यह धारा चुनाव सामग्री के साइन मेट्रो ग्राफ टेलीविजन या ऐसे ही उपकरण के माध्यम से चुनाव संपन्न होने के 46 घंटे के अंदर प्रदर्शन से रोक लगाती है 
  3. जनप्रतिनिधि अधिनियम 1991 की धारा 27ए  :- यह चुनाव संबंधी पंपलेट पोस्टर आदि का मुद्रण प्रकाशन आदि इसके द्वारा प्रकाशित होता है जिसके अंतर्गत ऐसी मुद्रित सामग्री एवं मुद्रक प्रकाशक का नाम और पता मुद्रित रहेगा |
  4. भारतीय दंड संहिता की धारा 171एच :- यह चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की अनुमति के बिना विज्ञापन अधिक खर्चों पर रोक लगाती है 

सरकारी मीडिया का दायित्व (Voting Behaviour In India)

  • चुनाव संबंधी समाचारों एवं विश्लेषकों के प्रसारण में सार्वजनिक प्रसारक या पब्लिक ब्रॉडकास्ट से अपेक्षा की जाती है कि वह तटस्थ वस्तु परखता के उदाहरण प्रस्तुत करें एवं विभिन्न दिशा निर्देश का पालन करें
  • चुनाव आयोग का मीडिया के साथ अच्छा तालमेल है जिसके अंतर्गत मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय दलों को निशुल्क प्रसारण समय प्रदान किया जाता है
  • ताकि चुनाव प्रचार प्रचार के मामले में बराबरी के आधार पर लड़ा जा सके इस तरीके से राजनीतिक दल देश के किसी भी कोने तक पहुंच सकती है
  • यही नहीं मतदाता जागरूकता प्रसारण में लोगों को उनके मताधिकार के बारे में शिक्षित करने के मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान है
  • जिसे चुनाव प्रक्रिया में सबको शामिल करना सम्भव हो सकता है 
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  2. यह भी पढ़े :- पंचायतीराज व्यवस्था:- 
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  7. यह भी पढ़े :- मौलिक कर्तव्य क्या हैं:-  
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  12. यह भी पढ़ें :- जनहित याचिका 
  13. यह भी पढ़े :-मतदाता को प्रभावित करने वाले कारक  

FAQ :-

Q.1 भारत में महिलाओ को वोट देने का अधिकार कब मिला?

भारत शासन अधिनियम 1919 के द्वारा भारत में महिलाओ को मत देने  का अधिकार प्राप्त हुआ 

Q.2 भारत का वर्तमान चुनाव आयोग कौन है?

राजीव कुमार जी को 15 मई 2022 को 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप चुना गया 

Q.3 भारत ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार कब अपनाया?

मताधिकार राजनितिक अधिकार है और व्यक्ति कानूनी रूप से 18 वर्ष पूर्ण करने पर व्यस्क माना जाता है 

Q.4 भारत के निर्वाचन आयोग का मुख्यालय कहाँ है?

भारत की राजधानी नई दिल्ली में चुनाव आयोग का मुख्यालय स्थित है 

 

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